काशी। वैचारिक स्पष्टता सुसंगत व्यवहार और कार्यपद्धति के बल पर संघ जहां समाज के प्रत्येक घरो और समुदाय में पहुंच बनाने में सफल हो रहा है वहीं संघ की शाखाएं भी निरंतर बढ़ रही है। शताब्दी वर्ष में सकारात्मक सोच के साथ संघ और समाज के समन्वय से काशी प्रांत में समाज परिवर्तन की दिशा में अच्छा परिणाम दिखाई दे रहा है। शून्य से शतक तक संघ की इस यात्रा में इस वर्ष विजया दशमी उत्सव, व्यापक गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन, युवाओ के लिए कार्यक्रम, सामाजिक सद्भाव, प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी के कार्यक्रमों को सकारात्मक एवं व्यापक जन समर्थन मिला। यह जानकारी लंका स्थित विश्व संवाद केन्द्र काशी के माधव सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रान्त के प्रान्त कार्यवाह मुरली पाल जी एवं प्रान्त प्रचार प्रमुख डा0मुरार जी त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दी।
हरियाणा के समालखा में आयोजित त्रिदिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से लौटने के पश्चात आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए प्रान्त कार्यवाह ने बताया कि जागरण श्रेणी एवं गतिविधियाँ मिलकर समाज की सज्जन शक्ति ,सुप्त शक्ति और उत्सुक शक्ति के साथ समाज जागरण के अभियान में सक्रिय है। पंच परिवर्तन को जीवन में उतारने से व्यवस्था का परिवर्तन होगा और यही समाज परिवर्तन का आधार है। जहां तक संगठन श्रेणी की बात है तो शताब्दी वर्ष में हम लक्ष्य के करीब है। पिछले वर्ष प्रतिनिधि सभा के समय देश में कुल 83129 शाखाएं थी तो इस वर्ष लगभग 6 हजार शाखाओं की बढोत्तरी के साथ कुल अट्ठासी हजारी नौ सौ नवासी शाखाएं संचालित है। मिलन और मंडली को लेकर देश में कुल सवा लाख प्रत्यक्ष कार्य संचालित है। काशी प्रांत के सभी 155 खंडों और 115 नगरों में संघकार्य है। कुल 1504 न्याय पंचायतो में से 1438 में शाखाएं और शेष में मिलन के कार्य है। प्रांत के कुल नगरों में 1044 बस्तियां है और सभी में शाखाएं मिलन और मंडली चल रही है। गतवर्ष काशी प्रांत में 2851 शाखाएं थी तो इस वर्ष 116 की वृद्धि के साथ कुल 2967 शाखाएं संचालित है।
शताब्दी वर्ष में 2102 हिन्दू सम्मेलन के साथ 31 लाख से अधिक घरों में
स्वयंसेवकों ने किया सम्पर्क
प्रान्त प्रचार प्रमुख डा0मुरार जी त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष देश भर में चल रहे संघ के शताब्दी वर्ष में प्रान्त में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें 2102 हिन्दू सम्मेलन हुए। घर-घर सम्पर्क अभियान के अन्तर्गत स्वयंसेवकों ने 3198841 घरों में सम्पर्क किया। अभियान के अन्तर्गत 2 लाख संघ साहित्य बिक्री हुई एवं 3124275 कर पत्रक वितरित किये गये। इस अभियान हेतु 16512 टोलियों का गठन किया गया। युवा कार्यक्रम संगठन की योजनातंर्गत गठित सभी 27 जिलों के 269 स्थानों पर 560 युवा सम्मेलन हुए। जिसमें 376 सम्मेलन विद्यार्थियों एवं 184 सम्मेलन युवा व्यावसायियों के मध्य हुए। युवा कार्यक्रम में कुल 53032 विद्यार्थी एवं 20342 व्यावसायी उपस्थित रहें। प्रान्त में सद्भाव बैठकें 240 स्थानों पर सम्पन्न हुई जिसमें 14434 पुरुष एवं 2025 मातृशक्ति समेत कुल 16459 लोग उपस्थित रहें।
संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी के 650वां प्राकट्य वर्ष मनाएगा संघ
वक्ताओं ने बताया कि काशी की धरती से अवतरित हुए संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के 650वें प्राकट्य वर्ष पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा आगामी वर्ष में कार्यक्रमों की योजना बनाई गयी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करता है।
काशी प्रान्त में होंगे 2
सम्भाग
वर्ष
2027 से देश भर में 46 प्रान्त
रचना के स्थान पर 85 सम्भाग अस्तित्व में आयेंगे। वर्तमान
उत्तर प्रदेश राज्य एवं उत्तराखण्ड एक क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। इस योजना के
अन्तर्गत वर्तमान काशी प्रान्त जिसमें संघ दृष्टि से 27 जिले
है, को 2 सम्भागों में काशी एवं
प्रयागराज में बांटा जाएगा।
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