Thursday, March 19, 2026

प्रकृति पर आधारित सूर्य व चन्द्र के गणना पर आधारित है हिन्दू पंचाग - मनोज जी

गाजीपुर। नववर्ष की परम्परा आदि अनन्त काल से चली आ रही है। प्रकृति पर आधारित सूर्य व चन्द्र के गणना पर आधारित हिन्दू पंचाग है जो पूरे विश्व में सास्वत है। इसकी गणना कभी गलत व भ्रामक नही होती है। जो युगाब्द, विक्रमी सम्वत पर आधारित है। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गाजीपुर द्वारा आयोजित विशाल पथ संचलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र संम्पर्क प्रमुख मनोज जी ने व्यक्त किया।

वर्ष प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर बुधवार को लंका स्थित श्रीरामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि इसी गणना के आधार पर वर्ष प्रतिपदा प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के प्रथम दिन मनाया जाता है और सम्पूर्ण भारत मे एक साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति को लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारी क्षति पहुचाया है और भारत में अंग्रेजी पद्धति के कांवेन्ट स्कूल के माध्यम से भारतीय संस्कृति व परम्परा को धवस्त करने का काम किया है। कार्यक्रम में सर्वप्रथम सभी स्वयंसेवकों ने संघ के संस्थापक डा.केशव बलिराम हेडगेवार को आद्य सर संघचालक प्रणाम निवेदित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम मे जिला धर्म जागरण प्रमुख प्रेम कुमार ओझा के निधन पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धाजलि अर्पित किया गया।

यह संचलन श्रीरामलीला मैदान से प्रारम्भ होकर लंका चुंगी होते हुए सिंचाई विभाग चौराहा होते हुए सरयू पाण्डेय पार्क कचहरी होते हुए अफीम फैक्ट्री, महुआबाग, दुर्गाचौक सकलेनाबाद, जेलगेट होते हुए श्रीराम लीला लंका मैदान में विराम लिया। कार्यक्रम के अन्त में संघ प्रार्थना व ध्वज प्रणाम किया गया। कार्यक्रम में मा0 विभाग संघचालक सचिदानन्द, मा0 जिला संघचालक जयप्रकाश, सह विभाग प्रचारक प्रेमप्रकाश, जिला प्रचारक प्रभात, नगर प्रचारक विक्रम आदि उपस्थित रहे।





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