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Saturday, May 23, 2026

देश में शांति स्थापित रहेगी तो हमारा जीवन भी शांतिपूर्ण यापन होगा : रमेश जी

प्रयागराज। अखिल भारतीय साहित्य परिषद काशी प्रांत की ओर से शनिवार को राष्ट्र साधना के 100 वर्ष के उपलक्ष्य में जिला पंचायत सभागार में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि काशी प्रांत के प्रचारक रमेश जी ने कहा कि साहित्य परिषद सबके हित के कार्य को कवियों के माध्यम से रखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का भाग्य ही प्रत्येक ना
गरिक का भाग्य है। देश समर्थ
, समृद्ध और विकसित होगा तो हम भी समर्थ, समृद्ध और विकसित होंगे। देश में शांति स्थापित रहेगी तो हम भी शांति के साथ जीवन यापन कर सकेंगे। संघ अपने स्थापना वर्ष से देशहित में कार्य कर रहा है। राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए संघ 100 वर्षों से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में धर्म, संस्कृति और समाज की खोई हुई पुनः स्थापित करने का कार्य अखिल भारतीय साहित्य परिषद कर रही है।

अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री पवनपुत्र बादल ने कहा कि साहित्य परिषद ने केवल हिंदी नहीं बल्कि सभी भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। भारत की एकात्मता का भाव लेकर लेकर साहित्य परिषद काम कर रहा है। उन्हेें राष्ट्र निर्माण के लिए साहित्य परिषद से जुड़ने का आग्रह किया। भारत की पुरातन, सनातन और वैदिक भाव को पुनः जागृति करने के लिए साहित्य परिषद कार्य कर रहा है। इस मौके पर स्वामी वैदेही वल्लभ सरकार ने कहा कि ब्रह्म से भी पहले शब्द की उत्पत्ति हुई। संघ तो वटवृक्ष है और संपूर्ण साधना सिखाता है।

‘एक दीप से जले हज़ारों यह अद्भुत विस्तार है, भारत के इस नव निर्माण में संघ शक्ति आधार है...’

इस अवसर पर आमंत्रित कवियों ने राष्ट्रप्रेम और त्याग की कविताओं से वातावरण भावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में विनीत चौहान ने मंच संचालन किया। कवि अभय निर्भीक ने ‘त्याग तपस्या ज्ञान संघ है, क्षमता का उत्थान संघ है, मातृभूमि को सदा पूजता भारत का सम्मान संघ है’ के माध्यम से संघ को प्रस्तुत किया। कवियित्री प्रियंका राय ने ‘मैं भारत की आनबान सम्मान की खातिर जीती हूं, मुरझाये चेहरों पर मैं मुस्कान की खातिर जीती हूं, जीते होंगे लोग यहां धन-दौलत शोहरत की खातिर, सच कहती हूं मैं तो हिन्दुस्तान की खातिर जीती हूं’ के माध्यम से श्रोताओं में जोश भर दिया। कवि दास आरोही आनन्द ने ‘हम प्रखर पुंज, हम तेजवंत हम पारस जैसे सजे हैं, हमको हल्के में मत लेना, हम भारत के बच्चे हैं’ के माध्यम से युवाओं को जागृत किया। मध्यप्रदेश के भोपाल से आई नुसरत मेहंदी ने ’जन-जन में आत्मबोध जगाया है संघ ने, सर्वाेपरि है राष्ट्र सिखाया है संघ ने’ के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बारे में बताया। कवियित्री नेहा शर्मा ने अपनी कविता ‘हमेशा याद रखना तुम की ये धरती तुम्हारी है, ये गंगा गोमती सरयू, ये यमुना जी तुम्हारी है, तिरंगा भी तुम्हारा है, और भमवा तुम्हारा है, सनातन है तो सब कुछ है और हस्ती तुम्हारी’ के माध्यम से मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि प्रशांत अवस्थी ‘प्रखर’ ने अपनी कविता ‘सुनो कथानक कहता हूं मैं, है जिनकी कथा सुनहरी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक के संघी, सदा दंश के प्रहरी’ के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। 

गांव और ग्रामीण संस्कृति पर कविता लिखने वाली मनु वैशाली ने अपनी कविता ‘चप्पल पहन के जिनकी चलते थे शौक से हम तुम पूछते हो वैसे गांव में क्या रखा है’ के माध्यम से गांव से जुड़ाव की याद दिलाई। कवि डां. प्रवीण आर्य ने कविता ‘जननी जन्मभूमि का वंदन, आओ कर ले हम, वन्दे मातरम वन्दे मातरम।। राम कृष्ण को मातृभूमि से स्वर्ग लगा धीमा धीमा, चूमे चरण चांदनी भू के, भाल लगा के सर टीका, सुर नर मुनि तरसा करते, पाने को जहाँ जन्म, वन्दे मातरम वन्दे मातरम’ के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का वातावरण बनाया। विख्यात मिश्र ने ‘सज गये सारंगधारी, संघ के कारण ही है, अब सजेंगे ब्रजबिहारी, संघ के कारण ही है’ के माध्यम से संघ का महत्व बताया। कार्यक्रम का संयोजन कर रहे कवि और शिक्षक डॉ. विनम्र सेन सिंह ने अपनी कविता ‘एक दीप से जले हज़ारों यह अद्भुत विस्तार है, भारत के इस नव निर्माण में संघ शक्ति आधार है।’ के माध्यम से भारत की एकता का परिचय दिया।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन और भारत मां के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया। इसके बाद साहित्य परिषद की ओर से सभी मंचासीन अतिथियों और कवियों को स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सह-कोषाध्यक्ष कमलाकांत गर्ग, प्रदेश महामंत्री महेश पाण्डेय ‘बजरंग’ पूर्व आईजी केपी सिंह, प्रो. वाईपी सिंह, डा. अमरेंद्र त्रिपाठी, प्रो. रमेश सिंह, डा. स्नेहसुधा, अर्चना सिंह और प्रो. कल्पना वर्मा आदि मौजूद रहे।



Monday, May 11, 2026

समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता — सुभाष जी

आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती के उपलक्ष्य में सामाजिक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका विषयक संगोष्ठी गोष्ठी का आयोजन।

प्रयागराज। आद्य पत्रकार  देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में   रविवार को हिंदुस्तानी अकादमी में विश्व संवाद केंद्र प्रयागराज काशी प्रांत के द्वारा 'सामाजिक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका’ विषयक  गोष्टी आयोजित की गयी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने कहा कि  समाज का  प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता है। समसामयिक विषयो के प्रति सामाजिक जागरूकता बढाना मीडिया का कार्य है। इसके लिए पत्रकारो को दीपक की तरह जल कर समाज मे वैचारिक  प्रकाश फैलाना पड़ता है। इसकी प्रेरणा नारद जी से मिलती है। नारद जी आद्य पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि संपादक जगत नारायाण लाला जैसे संपादकों को श्रेष्ठ जीवन मूल्य स्थापित करने के प्रयास में अपने प्राणों का बलिदान करना पड़ा लेकिन अखबार का प्रकाशन बंद नहीं होने दिया। ऐसे लोग पत्रकारों के प्रेरणास्रोत हैं। गीता प्रेस के संस्थापक हुनुमान प्रसाद पोद्दार ने सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली भारत रत्न जैसे सम्मान को विनम्रता के साथ अस्वीकार कर पूरे समाज के सामने नया आदर्श स्थापित किया। रामायण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद कोमल चित्त वाले थे। उनके अंदर करुणा और ममता थी यह पत्रकारों का स्वभाव होना चाहिए। उन्होंने दैनिक जागरण के पूर्व संपादक नरेन्द्र मोहन की भी चर्चा की और उनसे पत्रकारों को प्रेरणा लेने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अनावश्यक नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने से बचना चाहिए। पत्रकार सैनिकों की भाति  कलम के सिपाही हैं। कलम के सिपाही का मूल कर्तव्य है सामाजिक चेतना, सत्य को सामने लाना, राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीयता, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विचारों को संबल प्रदान करने का कार्य करना। यही नारद जयंती मनाने का उद्देश्य है।   

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं सम्पादक योगेश नारायण दीक्षित ने ‘आज की पत्रकारिता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सब लोग पत्रकारिता के मूल उद्देश्य से भटक कर व्यवसायिकरण की ओर बढ़ रहे हैं।  हमें चिंतन करना होगा कि पत्रकार सत्य को उजागर एवं समाज की दृष्टि को सामने लाने के लिए समाज के प्रहरी के रूप में कार्य करता है। इसीलिए मीडिया को लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तम्भ माना गया है। सोशल मीडिया पर अच्छे नॉरेटिव वायरल करने का उन्होंने सुझाव दिया।

विषय प्रवर्तन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता का धर्म देवर्षि नारद से सीखना चाहिए। एजेंडा आधारित पत्रकारिता समाज का भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का इतिहास  सृष्टि के प्रारंभ मैं नारद जी से प्रारंभ होता है।    लोक मंगल हेतु की गई पत्रकारिता ही समाज के लिए उपयोगी है। मंच पर प्रचार विभाग के पालक आशीष जी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा देवर्षि नारद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। समापन राष्ट्र सेविका समिति की बहनों के नेतृत्व में वंदे मातरम के सामूहिक गायन से हुआ।

गोष्ठी में प्रांत प्रचारक रमेश जी, राकेश जी सह भाग कार्यवाह, चारूमित्र जी, व्रत शील शर्मा  रितेश जी, विष्णु जी, कृष्ण मनोहर जी, आदित्य जी, संतोष, विजेंद्र, रामनरेश, पिंडी वास  राजेश प्रताप आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अतिथि परिचय सह विभाग प्रचार प्रमुख मुकेश जी ने कराया। धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मनोहर तिवारी एवं संचालन विभाग प्रचार प्रमुख वसु पाठक ने किया।

Monday, May 4, 2026

मीडिया का मूल उद्देश्य है संवाद : जितेन्द्र तिवारी

  • -    पंच परिवर्तन हमारी सनातन का अस्तित्व : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
  • -  विश्व संवाद केन्द्र काशी एवं समाजशास्त्र विभाग व मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती के अवसर पर संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित

वाराणसी। विश्व संवाद केन्द्र काशी एवं समाजशास्त्र विभाग व मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती के अवसर पर रविवार को 'पंच परिवर्तन : समाज एवं मीडिया' विषयक संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययनपीठ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिन्दुस्थान समाचार एजेन्सी, नई दिल्ली के संपादक जितेन्द्र तिवारी रहे। इस मौके पर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि स्वाधीनता आन्दोलन में पत्रकारिता लोगों को एकजूट करने एवं ब्रिटिश हुकूमत का विरोध दर्ज कराने का सशक्त माध्यम थी। स्वाधीनता आन्दोलन में पत्रकारिता एक हथियार बन गई थी, जिसने ब्रिटिश हुकूमत के नाक में दम कर दिया था। मीडिया के उद्देश्य पर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि मीडिया का काम कुछ भी हो परन्तु उसका मूल उद्देश्य संवाद ही है। मीडिया का कार्य जिज्ञासा उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि संवाद तर्क है, विवाद नहीं। खुले मन से संवाद करना ही पत्रकारिता है। सत्यनिष्ठ पत्रकारिता ही समाज एवं सरकार के बीच सामंजस्य स्थापित कर सकती है। जब से मिशन से कमीशन में बदली है तब से पत्रकारिता जीवन खतरे में पड़ा है। अपने को खोजना ही नारद जी की पत्रकारिता है। हमें जन से जुड़ना होगा। एक पृथ्वी एक परिवार भारत का मूल मंत्र है।

अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि हमें गलत विचारों का त्याग करना होगा। नारद जीवन देने वाले हैं। हमें नारद के गुणों को प्रचारित करना होगा। यहीं, भविष्य की पत्रकारिता है। कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि नारद जी को पत्रकार के रूप में स्थापित करना होगा। नारद जी समरसता देखते थे। पत्रकारिता को समरूपता में देखना चाहिए। आपदा को मैनेज करने वाले पत्रकार नारद थे। हमें मानवता को स्थापित करना है। पंच परिवर्तन हमारी सनातन का अस्तित्व है। समय के अनुरूप पत्रकारिता को बदलना होगा। साथ ही विश्व के साथ सामंजस्य स्थापित करके भारतीय ज्ञान परम्परा का संचय, प्रसार एवं विकास करना होगा। नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ संकल्पति करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकास का रास्ता सिर्फ ज्ञान से ही प्रशस्त होगा। अगले 25 साल पत्रकारों के लिए विशेष है।

इस अवसर पर काशी प्रान्त के 6 पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया जिसमें

1. स्वदेश दैनिक के प्रयागराज संवाददाता शिवाशंकर पाण्डेय,

2. आज दैनिक, वाराणसी के डॉ. जिनेश कुमार,

3. दैनिक जागरण, वाराणसी की वरिष्ठ उप सम्पादक वन्दना सिंह,

4. तरुण मित्र दैनिक, जौनपुर के संपादक आदर्श कुमार,

5. न्यूज नेशन, वाराणसी के सुशांत कुमार मुखर्जी एवं

6. हिन्दुस्तान दैनिक, मीरजापुर के उप ब्यूरो प्रमुख अशोक मिश्रा

शामिल रहे। स्वागत विश्व संवाद केन्द्र, काशी न्यास के सचिव प्रदीप कुमार, विषय प्रस्थापना काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अत्रि भारद्वाज, संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. अम्बरीष राय एवं धन्यवाद ज्ञापन विश्व संवाद केन्द्र, काशी न्यास, काशी प्रांत के अध्यक्ष डॉ. हेमन्त गुप्ता ने किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन जी, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह डा0वीरेन्द्र जायसवाल, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी, काशी प्रान्त के प्रान्त प्रचारक रमेश जी, समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रो. राकेश तिवारी, महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह , डॉ0 पियुष श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।