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Saturday, February 29, 2020

संयुक्त राष्ट्र ने माना- पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों से की जा रही हिंसा

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा की घटनाएँ आम बात हो चुकी हैं. हर दिन उन्हें धार्मिक हिंसा का शिकार होना पड़ता है. पाकिस्तान में इस तरह की घटनाओं को संयुक्त राष्ट्र ने भी स्वीकार किया है. संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार के उल्लंघन पर पाकिस्तान को घेरा भी.
जिनेवा में आयोजित मानवाधिकार परिषद की बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैश्लेट ने कहा कि पाक में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लगातार हिंसा का सामना करना पड़ रहा है. उनके धर्मस्थलों पर बार-बार हमले हो रहे हैं. बैश्लेट ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईशनिंदा कानून के प्रावधानों में संशोधन करने में पाकिस्तान सरकार असफल है और सरकार की असफलता का परिणाम धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हिंसा है. 

भारत के बाद विदेश में पहला योग विश्वविद्यालय खोलेगा अमेरिका, इसी वर्ष शुरू होंगी कक्षाएं



देश ही नही अब विदेशों में भी योग के प्रति जागरूकता बढती जा रही है। योग के प्रति लोगों में विशेष रूचि देखने को मिल रहा है। विदेशों में लोग अब योग को स्वीकार करने लगे हैं। योग के प्रति लोगों का झुकाव देखकर अमेरिका में योग की शिक्षा-दीक्षा के लिए योग विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। भारत में स्थापित योग विश्वविद्यालय के बाद भारत से बाहर यह पहला विश्वविद्यालय होगा।

नासा के पूर्व वैज्ञानिक नागेंद्र होंगे विश्वविद्यालय के चेयरमैन
वायु नासा के पूर्व वैज्ञानिक नागेंद्र के दिमाग की उपज है जो चार दशक से युग को सामाजिक रूप से प्रासंगिक विज्ञान में बदलने पर काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि केस वेस्टर्न विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्रीनाथ को इसका अध्यक्ष नामित किया गया है। भारतीय योग गुरु एचआर नागेंद्र इस विश्वविद्यालय के चेयरमैन होंगे। बयान में बताया गया है कि पाठ्यक्रम अगस्त 2020 से शुरू होगा जिसके लिए संस्थापक अध्यक्ष के तौर पर श्रीनाथ के नेतृत्व में योग में मास्टर की डिग्री के लिए अप्रैल 2020 से दाखिले शुरू होंगे।

विदेश में हजारों योग शिक्षकों को मिलेगी सहायता
भारत में 2002 में पहला योग विश्वविद्यालय स्थापित करने के बाद नागेंद्र ने कहा कि उनकी इच्छा योग आधारित उच्च शिक्षा के लिए वैश्विक विश्वविद्यालय बनाने की है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एक सदस्य प्रेम भंडारी ने कहा कि विश्वविद्यालय से अमेरिका में हजारों योग शिक्षकों को मदद मिलेगी जिनकी योग शिक्षा 200 या 500 घंटे के सर्टिफिकेट के पाठ्यक्रम तक सीमित है।
भारत के आह्वाहन के बाद पूरे विश्व में योग को खुले दिल से अपनाया है। विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम मनाया जाने लगा है और अब इससे जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। भारत से बाहर दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय अमेरिका में इसी साल से शुरू होगा। परास्नातक और रिसर्च की कक्षाओं के साथ विश्वविद्यालय अपना पाठ्यक्रम शुरू करेगा। जानकारी के अनुसार इस विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए अप्रैल माह से पंजीयन शुरू होंगे। विवेकानंद योग यूनिवर्सिटी को $5000000 के बजट के साथ लास एंजिल्स में स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय ने योग आधारित उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए नवंबर 2019 में यूरोप और प्राइवेट पोस्ट सेकेंडरी एजुकेशन कैलिफोर्निया से आधिकारिक मान्यता प्राप्त होने के 3 माह में यह घोषणा की है।

Wednesday, February 26, 2020

वीर सावरकर /पुण्य स्मरण - 26 फरवरी

वीर सावरकर दुनिया के अकेले स्वातंत्र्य योद्धा थे जिन्हें दो-दो आजीवन कारावास की सजा मिलीसजा को पूरा किया और फिर से राष्ट्र जीवन में सक्रिय हो गए।

वे विश्व के ऐसे पहले लेखक थे जिनकी कृति 1857 का प्रथम स्वतंत्रता को दो-दो देशों ने प्रकाशन से पहले ही प्रतिबंधित कर दिया।

वीर सावरकर पहले ऐसे भारतीय राजनीतिज्ञ थे जिन्होंने सर्वप्रथम विदेशी वस्त्रों की होली जलाई।

वे पहले स्नातक थे जिनकी स्नातक की उपाधि को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण अँगरेज सरकार ने वापस ले लिया।

वीर सावरकर पहले ऐसे भारतीय विद्यार्थी थे जिन्होंने इंग्लैंड के राजा के प्रति वफादारी की शपथ लेने से मना कर दिया। फलस्वरूप उन्हें वकालत करने से रोक दिया गया।

वीर सावरकर ने राष्ट्र ध्वज तिरंगे के बीच में धर्म चक्र लगाने का सुझाव सर्वप्रथम ‍दिया थाजिसे राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने माना।

उन्होंने ही सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का लक्ष्य घोषित किया। वे ऐसे प्रथम राजनैतिक बंदी थे जिन्हें विदेशी (फ्रांस) भूमि पर बंदी बनाने के कारण हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला पहुँचा।

वे पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का चिंतन किया तथा बंदी जीवन समाप्त होते ही जिन्होंने अस्पृश्यता आदि कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया।

दुनिया के वे ऐसे पहले कवि थे जिन्होंने अंदमान के एकांत कारावास में जेल की दीवारों पर कील और कोयले से कविताएँ लिखीं और फिर उन्हें याद किया। इस प्रकार याद की हुई दस हजार पंक्तियों को उन्होंने जेल से छूटने के बाद पुन: लिखा।

संकलनकर्ता :- नरेंद्र सहगल

रामनगरी में सांप्रदायिक सौहार्द और सद्भाव की होली, मुस्लिम समुदाय के लोग भी जुटें होली की तैयारी में

- फाइल फोटो 
राममंदिर पर निर्णय के पश्चात् पहली होली को लेकर राम भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. इस वर्ष होली पर सांप्रदायिक सौहार्द और सद्भाव का दृश्य भी देश में एकता और अखंडता का संदेश देगा क्योंकि राम मंदिर के न सिर्फ हिन्दू समर्थक बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी अयोध्या नगरी में बड़े उत्साह से होली का पर्व मनाने की तयारी में जुटे हैं. 

दो महीने में शुरू हो जायेगा मंदिर निर्माण 
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास महाराज ने कहा कि अगले दो महीने में मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट सरकार से चंदा नहीं लेगा. भक्तो के सहयोग से ही निर्माण कार्य पूरा किया जायेगा. 

Tuesday, February 25, 2020

कोरोना वायरस : चीन ने जताया भारत का आभार, कहा- भारत के साथ मिलकर लड़ेंगे यह लड़ाई

पड़ोसी देश चीन से भारत के सम्बन्ध जैसे भी हो, विपदा की इस घड़ी में भारत ने चीन को  पूर्ण सहयोग का भरोसा देकर दुनिया को फिर एक बार मानवता का पाठ पढ़ाया. 
चीन से बढ़कर विश्वव्यापी संकट बनने की ओर अग्रसर कोरोना वायरस के असर से दुनिया भर के लोग भयभीत है. ऐसे में भारत सरकार की ओर से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखकर किसी भी प्रकार की सहायता का भरोसा दिया गया था. प्रधानमंत्री के इस सहयोग पर चीन की सरकार ने आभार व्यक्त किया है.
चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गये एक वक्तव्य में कहा गया है, ‘भारत की ओर से कोरोना वायरस को लेकर जो समर्थन की बात कही गईउसके लिए हम धन्यवाद करते हैं. हम भारत और दुनिया के सभी देशों के साथ काम करने को तैयार हैंताकि इस वायरस के खिलाफ जंग लड़ सकें’.

संघ का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा और समाज में समानता है : मोहन भागवत


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य ध्येय  समाज में समानता और सनातन धर्म की रक्षा  है। इसी कारण सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम कर रहे हर संस्थान से संघ का जुड़ाव है। यह विचार देवघर के सत्संग आश्रम में लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संवयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने व्यक्त किया। सत्संग आचार्य के आमंत्रण पर सत्संग आश्रम पहुंचे सरसंघचालक जी ने आश्रम के कार्यों की सराहना की। यहां के बाद श्री भागवत देवघर के वैद्यनाथ धाम भी पहुंचे और पूजा-अर्चना की। देवघर में लगभग तीन घंटे समय बिताने के बाद वह दुर्गापुर के लिए रवाना हो गए। 
वैद्यनाथ धाम मंदिर पहुंचने पर पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष प्रो. सुरेश भारद्वाज व महामंत्री काíतकनाथ ठाकुर ने डॉ भागवत को भगवान भोलेनाथ का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। यहां भोलेनाथ के दर्शन के बाद श्री भागवत 20 मिनट रुके रहे और लोगों का हालचाल लेते रहे।

Monday, February 24, 2020

मणि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ

  • धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोस्थली धर्म संघ में मणि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन
  • देव विग्रह की स्थापना अथवा महायज्ञ के पूर्व प्रायश्चित करने का शास्त्रों में विधान वर्णित
विश्व भर में सनातन धर्म का पताका फहराने वाले धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोस्थली धर्म संघ में रविवार को मणि मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। दुर्गा कुंड स्थित धर्मसंघ में मणि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन वैदिक ऋचाएं गूंजीं। इस महोत्सव में सम्मिलित होने के लिए देश विदेश से श्रद्धालु काशी आ रहे हैं।


महोत्सव का शुभारंभ धर्म संघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दुर्गाकुंड स्थित धर्म संघ शिक्षा मंडल के प्रांगण में मणि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन सर्वप्रथम यजमानों को संकल्प कराया गया तत्पश्चात उनका क्षौर कर्म किया गया। यजमानों ने ठाकुर जी का दूध, दही, घी, मधु, गोबर, गोमूत्र, भस्म आदि से दस विधि स्नान कराया। वैदिक आचार्य पं. लक्ष्मीकान्त दीक्षित के आचार्यत्व में शास्त्र सम्मत विधि से विस्तृत कर्मकाण्ड द्वारा प्रायश्चित विधान कराया गया। धर्मसंघ के पं० जगजीत पांडे ने बताया कि देव विग्रह की स्थापना अथवा महायज्ञ के पूर्व प्रायश्चित करने का शास्त्रों में विधान वर्णित है। तत्पश्चात षोडशोपचार विधि से विष्णु पूजन किया गया। प्रायश्चित विधि का समापन शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों द्वारा हवन कराकर किया गया।
सोमवार से आरंभ होने वाले अतिरूद्र महायज्ञ के लिए 33 कुंड बनाए गए हैं जिसमें 200 वैदिक भूदेव 25 लाख वेद मंत्रों से संपूर्ण परिसर को अभिसिंचित करेंगे। दोपहर 2 बजे अरणि मंथन से अग्नि प्रज्वलित कर यज्ञ कुंड में आहुतियां प्रारंभ हो जाएंगी।

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन विविध आयोजन होंगे जिसमें सायंकाल 4:00 बजे से धर्म संघ में जगद्गुरु रामानंदाचार्य विद्या भास्कर जी महाराज का प्रवचन और श्रद्धालुओं द्वारा संकीर्तन होगा।