WELCOME

VSK KASHI
63 MADHAV MARKET
LANKA VARANASI
(U.P.)

Total Pageviews

Friday, July 31, 2026

समुद्र प्रदक्षिणा तीनों सेनाओं की एकता और नारी शक्ति का प्रमाण


नई दिल्ली। भारतीय सेना के नौकायन पोत (आईएएसवी) त्रिवेनी से प्रथम त्रि-सेवा पूर्ण महिला समुद्री यात्रा ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ को सफलतापूर्वक पूरा करके घर लौटीं तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों को रक्षा मंत्री ने सम्मानित किया।

इन महिला अधिकारियों से बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चार महासागरों में लगभग 25,500 समुद्री मील की 314 दिनों की यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने में टीम के साहस और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की। उन्होंने अभियान को नारी शक्ति का प्रमाण और तीनों सेना की एकता तथा उनमें तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जो प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करेगा।

महिला अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अभियान की चुनौतीपूर्ण प्रकृति ने यात्रा को यादगार और फलदायी बनाया। राष्ट्र को गौरवान्वित करने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रेरित रखा और उन्हें शारीरिक तथा मानसिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके समर्पण ने उन्हें प्रेरित किया और उनके स्वयं के संकल्प को और मजबूत किया। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि दृढ़ विश्वास और संकल्प जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने में कैसे सहायक हो सकते हैं।

समुद्र प्रदक्षिणा’ की सफल समाप्ति ने उन रूढ़ियों को तोड़ दिया है, जिनमें कहा जाता था कि महिलाएं कठिन सैन्य अभियानों को अंजाम नहीं दे सकतीं। महिला अधिकारियों ने यह साबित कर दिया है कि शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता महिला-पुरूष भेद से परे हैं। भारत की हर बेटी आपको देखकर यह विश्वास कर सकती है कि वह भी समुद्र पार कर दुनिया को जीत सकती है।

भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के अधिकारी एक ही ध्वज के नीचे एक ही पोत पर एक साझा मिशन को पूरा करने के लिए एक साथ रवाना हुए। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि हम साथ मिलकर आगे बढ़ें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

संवाद के दौरान सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर और तीनों सेनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रक्षा मंत्री ने 22 जुलाई, 2026 को मुंबई में आगमन पर आईएएसवी त्रिवेनी की टीम का वर्चुअल रूप से स्वागत किया था। 11 सितंबर, 2025 को आईएएसवी त्रिवेनी की टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

मिशन की सफलता सावधानीपूर्वक योजना, लगभग दो वर्षों के गहन प्रशिक्षण, चौबीसों घंटे चलने वाले तट-आधारित समर्पित सहायता नेटवर्क और अनेक संगठनों एवं सहायक एजेंसियों की अटूट प्रतिबद्धता के कारण संभव हो पाई। अभियान ने देशांतर की सभी रेखाओं को पार करके, भूमध्य रेखा को दो बार पार करके, अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करके और तीन महान केपों – केप लीउविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप – का चक्कर लगाकर विश्व भ्रमण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सभी मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

दुर्गम ड्रेक पैसेज को सफलतापूर्वक पार करने और केप हॉर्न का चक्कर लगाने से चालक दल को केप हॉर्नर्स के प्रतिष्ठित समुदाय की सदस्यता प्राप्त हुई, यह सम्मान उन नाविकों के लिए आरक्षित है जो दुनिया के सबसे कठिन समुद्री मार्गों में से एक को पार करते हैं।


No comments: