आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती के उपलक्ष्य में सामाजिक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका विषयक संगोष्ठी गोष्ठी का आयोजन।
प्रयागराज।
आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के
उपलक्ष्य में रविवार को हिंदुस्तानी
अकादमी में विश्व संवाद केंद्र प्रयागराज काशी प्रांत के द्वारा 'सामाजिक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका’ विषयक गोष्टी आयोजित की गयी।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने कहा कि समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता है। समसामयिक विषयो के प्रति सामाजिक जागरूकता बढाना मीडिया का कार्य है। इसके लिए पत्रकारो को दीपक की तरह जल कर समाज मे वैचारिक प्रकाश फैलाना पड़ता है। इसकी प्रेरणा नारद जी से मिलती है। नारद जी आद्य पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि संपादक जगत नारायाण लाला जैसे संपादकों को श्रेष्ठ जीवन मूल्य स्थापित करने के प्रयास में अपने प्राणों का बलिदान करना पड़ा लेकिन अखबार का प्रकाशन बंद नहीं होने दिया। ऐसे लोग पत्रकारों के प्रेरणास्रोत हैं। गीता प्रेस के संस्थापक हुनुमान प्रसाद पोद्दार ने सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली भारत रत्न जैसे सम्मान को विनम्रता के साथ अस्वीकार कर पूरे समाज के सामने नया आदर्श स्थापित किया। रामायण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद कोमल चित्त वाले थे। उनके अंदर करुणा और ममता थी यह पत्रकारों का स्वभाव होना चाहिए। उन्होंने दैनिक जागरण के पूर्व संपादक नरेन्द्र मोहन की भी चर्चा की और उनसे पत्रकारों को प्रेरणा लेने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अनावश्यक नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने से बचना चाहिए। पत्रकार सैनिकों की भाति कलम के सिपाही हैं। कलम के सिपाही का मूल कर्तव्य है सामाजिक चेतना, सत्य को सामने लाना, राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीयता, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विचारों को संबल प्रदान करने का कार्य करना। यही नारद जयंती मनाने का उद्देश्य है।
गोष्ठी
की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं सम्पादक योगेश नारायण दीक्षित ने ‘आज की
पत्रकारिता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सब लोग पत्रकारिता के मूल उद्देश्य
से भटक कर व्यवसायिकरण की ओर बढ़ रहे हैं।
हमें चिंतन करना होगा कि पत्रकार सत्य को उजागर एवं समाज की दृष्टि को
सामने लाने के लिए समाज के प्रहरी के रूप में कार्य करता है। इसीलिए मीडिया को
लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तम्भ माना गया है। सोशल मीडिया पर अच्छे नॉरेटिव वायरल
करने का उन्होंने सुझाव दिया।
विषय
प्रवर्तन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी
त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता का धर्म देवर्षि नारद से सीखना चाहिए। एजेंडा
आधारित पत्रकारिता समाज का भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता
का इतिहास सृष्टि के प्रारंभ मैं नारद जी
से प्रारंभ होता है। लोक मंगल हेतु की
गई पत्रकारिता ही समाज के लिए उपयोगी है। मंच पर प्रचार विभाग के पालक आशीष जी की
उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा देवर्षि नारद के
चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। समापन राष्ट्र सेविका
समिति की बहनों के नेतृत्व में वंदे मातरम के सामूहिक गायन से हुआ।
गोष्ठी
में प्रांत प्रचारक रमेश जी, राकेश जी सह भाग
कार्यवाह, चारूमित्र जी, व्रत शील
शर्मा रितेश जी, विष्णु
जी, कृष्ण मनोहर जी, आदित्य जी,
संतोष, विजेंद्र, रामनरेश,
पिंडी वास राजेश प्रताप आदि
प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अतिथि परिचय सह विभाग प्रचार प्रमुख मुकेश जी ने कराया।
धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मनोहर तिवारी एवं संचालन विभाग प्रचार प्रमुख वसु पाठक ने
किया।

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