काशी। शिव की नगरी काशी में श्रीरामनवमी का उत्साह देखते ही बन रहा था। हर ओर भगवा पताका से पूरी काशी सनातनी रंग में खिल उठी थी। हर मुख पर जयश्रीराम का उद्घोष से प्रतीत हो रहा था कि मानो भगवान श्रीराम पुन: अवतरित हुए हो।
बाबा कीनाराम आश्रम मन्दिर से चली श्रीराम की शोभायात्रा
सनातन
रक्षा परिषद द्वारा भव्य श्रीरामनवमी शोभायात्रा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या
में श्रीराम भक्त रवीन्द्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम आश्रम से यह यात्रा प्रारम्भ कर
शिवाला, सोनारपुरा, बंगाली, टोला, मदनपुरा, जंगमबाड़ी होते
हुए गदौलिया चौराहे पर पहुंची। यात्रा विराम स्थल के पूर्व मदनपुरा स्थित प्राचीन
श्रीहनुमान मन्दिर पर भक्तों ने सामूहिक रूप से श्रीहनुमान चालीसा का पाठ किया।
यात्रा में मुख्य आकर्षण श्रीराम की झांकी और हनुमान जी की वानर सेना थी। साथ ही
बैंड ढोल और भव्य डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों से वातावरण राममय हो चुका था।
परंपरागत रूप से पांचवें वर्ष आयोजित श्रीरामनवमी यात्रा को गदौलिया चौराहे पर
स्थापित श्रीनंदी जी महाराज की आरती के पश्चात विराम दिया गया।
कार्यक्रम
में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक नितिन जी, भाजयूमो वाराणसी महानगर के अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, विद्यासागर
राय, उद्यमी प्रदीप जायसवाल, डॉ॰ राकेश
त्रिवेदी जी, वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी उपस्थित
थे। कार्यक्रम का संयोजन सुयश अग्रवाल, सिद्धेश जिंदल,
गुलशन कपूर ने किया। कौशिक गुप्ता, रितिक
सोनकर, आशीष पोद्दार, अनुराग यादव, गौरव जायसवाल, अहिभूषण जायसवाल, साहिल सोनकर, विवेक सिंह, आदिति सिंह एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने
अपना योगदान देकर यात्रा सफल बनाया।
श्रीरामकथा मंदाकिनी शोभायात्रा में 30 केवट बंधुओं का सम्मान
श्रीरामनवमी
के शुभ अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति श्रीराम कथा मंदाकिनी शोभा यात्रा का आयोजन
किया गया। श्रीराम भक्तों ने मां गंगा के तट पर मानो ब्रह्मांड से साक्षात उतरे
भगवान श्रीराम के दर्शन किये| विभाग प्रचारक नितिन
जी ने कहा कि वास्तव में भगवान श्री राम के जीवन के प्रत्येक कार्य विनय, संस्कार, सेवाऔर अध्यात्म को प्रदर्शित करता है।
हमें उनके द्वारा दिखाए गए मर्यादित पथ पर चलकर अपने जीवन को धन्य करना चाहिए।
रामकथा मंदाकिनी शोभा यात्रा विगत 39 वर्षों की भांति इस
वर्ष भी भगवान श्रीराम के अवतरण दिवस पर स्थानीय तुलसी घाट पर संकट मोचन मंदिर के
महंत डॉ विश्वंभर नाथ मिश्र जी ने आरतीकर शोभायात्रा प्रारम्भ की। उक्त अवसर पर 30 केवट बंधुओं को साफा बांधकर उनका सम्मान किया गया। शोभायात्रा में भगवान
श्री राम के जीवन पर आधारित झांकियां राम दरबार, वन गमन,
हनुमान- कालनेमि संवाद, केवट संवाद, धनुष यज्ञ,लव- कुश प्रसंग, गंगा
अवतरण, शिव स्तुति, लक्ष्मण परशुराम
संवाद समेत प्रयागराज के पत्थरचट्टी रामलीला से आई कुल 15 झांकियां शामिल थी, जिसका महिषासुर घाट पर स्थित
मुक्ताकाश मंच पर भव्य मंचन हुआ। झांकी में शामिल
कलाकार बच्चे ईश्वर रूपीवेशभूषा में विराजमान थे। उपस्थित भक्तजनों ने ईश्वर रूपी
झांकी की भक्ति में आरती एवं शंखनाद से पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। स्थानीय
महिषासुरघाट (भैसासुर), राजघाट पर तीन श्रेष्ठ
झांकियों को पुरस्कृत किया गया तथा शोभायात्रा में शामिल पात्रों को प्रमाण पत्र
एवं मैडल भी दिया गया। शोभायात्रा में नवीन श्रीवास्तव, हरीश
वालिया, ज्ञानेश्वर जायसवाल, डॉ शिशिर
मालवीय, डॉ कमलेश तिवारी, मनीष खत्री,
अजीत मेहरोत्रा, मुकुल पांडे, राजेश बहल, शैलेश वर्मा सहित हजारों राम भक्त
उपस्थित थे।
हिन्दू समाज को एकजुट करने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा
‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ संपन्न
श्रीरामनवमी
के शुभ अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा भव्य ‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ का
आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा में अनेक हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि तथा अनेक
श्रीराम भक्त सम्मिलित हुए। यात्रा में सभी संत एवं हिंदू संगठनों द्वारा ‘विश्वकल्याण
हेतु प्रभु श्रीरामजी के चरणों में
सामूहिक प्रार्थना कर रामराज्य के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया। शोभायात्रा
का आरंभ धर्मध्वज का पूजन कर शंखनाद से हुआ। यात्रा में सहभागी सभी निरंतर
‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का नामजप कर रहे थे। यात्रा के समय ‘एक ही नारा एक ही
नाम, जय श्रीराम जय श्रीराम’, ‘पवनसुत
हनुमान की जय’ जैसे उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। समाज के अनेक श्रद्धालु यात्रा
में सहभागी होकर श्रीरामजी की प्रतिमा पर पुष्पवृष्टि कर रहे थे। काशी विश्वनाथ
मंदिर के द्वार पर श्रीराम रचित शिव स्तुति की गयी। यह शोभायात्रा मैदागिन चौराहे
से आरंभ होकर नीचीबाग, चौक, बासफाटक,
दशाश्वमेध चौराहे से होते हुए चितरंजन पार्क में जाकर संपन्न हुई।
यात्रा के समापन में हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश
सिंगबाळजी ने बताया कि हिन्दू धर्म ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की सीख देता है। ऐसे धर्म
को संविधान द्वारा आधिकारिक संरक्षण मिलने के लिए भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित
करना आवश्यक है। यह मांग विश्वकल्याण और हिन्दू संस्कृति को जीवित रखने के लिए
है। रामसेतु के निर्माण के लिए जिस तरह गिलहरी ने योगदान दिया उसी प्रकार सभी
रामभक्त प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का नामजप करें एवं राष्ट्र तथा
धर्मकार्य हेतु न्यूनतम 1 घंटा समय दें, ऐसे उन्होंने अंत में आवाहन किया।
इस
शोभायात्रा में वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, महामंत्री कविन्द्र जायसवाल, अन्नपूर्णा उद्योग समूह
के रवि झुनझुनवाला, गुजराती समाज के अध्यक्ष अनिल भाई
शास्त्री, अखिल भारतीय मानस प्रचार समिति के अध्यक्ष रविशंकर
सिंह, टाउनहॉल व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत शर्मा, शीतलामाता मंदिर के महंत अभिषेक
पांडे, जालान परिवार के निधि जालान, अखिल
भारतीय सनातन न्यास के डॉ0 अजय जायसवाल, स्वर्णकार समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सोनी, पहल फाउंडेशन के संस्थापक सुबोधचंद्र राय, पूर्व
प्रधान जय प्रकाश सिंह, सनातन संस्था की प्राची जुवेकर समेत
हिन्दू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रामनगर में निकाली गयी भव्य शोभायात्रा
रामनगर
में भी श्रीरामभक्तों ने शोभायात्रा का आयोजन कर वातावरण राममय कर दिया। रथ पर
सुसज्जित श्रीराम दरबार लोगों को आकर्षित कर रहा था। इसके अतिरिक्त विभिन्न
झांकियां सजायी गयी थी। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई स्वरूपा बहनें बुलट पर सवार होकर
यात्रा का नेतृत्व कर रही थी। नगर में हजारों घरों पर भगवा पताका फहर रहे थे।