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Tuesday, September 8, 2026

भारत हमारी शक्ति, तन—मन—धन से राष्ट्र की आराधना करे- सुभाष जी


गाजीपुर। भारत हमारी हस्ती और यही हमारी शक्ति है, तन से, मन से, धन से राष्ट्रदेव की आराधना करे। यह आह्वान मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने किया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गाजीपुर द्वारा आयोजित संघ शताब्दी वर्ष के क्रम में प्रमुख जन गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे ​थे।

संघ द्वारा समाज परिवर्तन के पंच प्रण में पंचमुखी विकास योजना, सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध स्वदेशी, नागरिक कतर्व्य, कार्य का विस्तार, कार्य की गुणवत्ता, सामाजिक परिवर्तन, विमर्श, सज्जन शक्ति जैसे दस बिन्दू पर आधारित संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष चल रहा है। गत वर्ष से 101वां वर्ष मना रहे है, इस सौ वर्ष की यात्रा सहज व समान्य नही थी। संघ के जीवन मे उपहास व आपातकाल जैसे परस्थितियो को झेला है। इस सौ साल में कितने पड़ाव आये और कितने झेलने पड़े। उन्होंने कहा कि संघ हम सबके उपासना का केन्द्र रहा है। संघ ने प्रारम्भ से ही यह कहा है कि संगठित रहेंगे तो ठीक रहेंगे। हम विश्व गुरू की परिकल्पना को लेकर चल रहे है सन् 1898 मे शिकागो से लौटे स्वामी विवेकानन्द ने कहा कि दर्शन बड़ा, की ज्ञान बड़ा, गुरू से पुछा तो उन्होने चार दिन का समय लिया। तत्पश्चात उन्होंने बताया कि ज्ञान वहीं समाप्त हो जाता है जहां व्यवहार मे कोई दोष हो जाये, कितना भी ज्ञानी आप हो जाये, आपके व्यवहार में कोई दोष निकल जाये तो आपके सारे ज्ञान धरे के धरे रह जायेंगे। विवेकानन्द ने तीन काम पर जोर देने की बात किया, भारत के समाज को संगठित करना, सुमति कुमति, व्यक्ति निर्माण करना, चिन्तन स्मृतियां भगवत गीता मे है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में तीन एम मार्क्स, मैकाले व मिल थे, जो भारती की सभ्यता, संस्कृति, शिक्षा पर कुठाराघात किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मे एक घंटा नित्य की शाखा मे कोई भी आये तो उसे संगठन के बारे मे सब कुछ धीरे—धीरे ज्ञात हो जायेगा। शाखा गंगा की धारा है, सारे हिन्दू भाई चुनौतियों का संकल्प लेते हैं। इस कालखण्ड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरकार और सेना से मिलकर काम करता है। अगले क्रम में संवाद कार्यक्रम में प्रश्नो के माध्यम से सुभाष जी ने सभी की जिज्ञासा का समाधान किया। संवाद कार्यक्रम के पश्चात पंच प्रण, सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध स्वदेशी, नागरिक कतर्व्य, कार्य का विस्तार, कार्य की गुणवत्ता, सामाजिक परिवर्तन, विमर्श, सज्जन शक्ति के जागरण पर बल दिया। कार्यक्रम के पूर्व में सुभाष जी व मा0 जिला संघचालक जयप्रकाश, मा0 नगर संघचालक सर्वजीत ने संयुक्त रूप से भारत माता व प0पू0 डा. केशव बलिराम हेडगेवार, 0पू0 सदाशिव राव गोलवरकर गुरूजी की चित्र पर माल्यापर्ण कर दीपप्रज्जवलित किया। शुभारम्भ राष्ट्रगीत वन्दे मातरम से हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। अतिथियों का परिचय नगर कार्यवाह हर्ष तथा मंच संचालन सेवा प्रमुख अनुज राय ने किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक प्रभात, प्रचार प्रमुख चंद्र कुमार एवं गाजीपुर के प्रत्येक क्षेत्र के गणमान्य सज्जन शक्ति उपस्थित रहे।

 


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