काशी/प्रयागराज। जब हम सभी जाती से ऊपर उठकर हिन्दू समाज के लिए एक होंगे तभी भारत अखंड बनेगा। ये जिम्मेदारी सकल हिन्दू समाज की अर्थात हम सबकी है। उक्त विचार फूलपुर न्यायपंचायत मेंं सकल हिन्दू समाज द्वारा आयोजित हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत को तोड़ने के लिए धर्म को तोड़ दो, जाति को तोड़ दो, समाज को अलग कर दो जैसे षड़यंत्र किये जाते हैं। भारत के लोगों को गुमराह करके देवी देवताओं को बांट दिया जाता है। महापुरुषों को बांट दिया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के महापुरुषों में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने कहा है सभी समाज को शिक्षित होना है सबको आगे बढ़ना है, राजनीतिक दल हमें बांट रहा है। एक राजनीतिक व्यक्ति ने कहा कि अपने बहन बेटियों की शादी मुस्लिम समाज में करिए। ये उनका मूल एजेंडा है कि जाती में बांटो, धर्म को बांटो, हिन्दू को बांटो। इस हिन्दू सम्मेलन में मंच पर उपस्थित मातृशक्ति डा. संगीता दुबे जी, डा. जितेंद्र खरवार (प्रधानाचार्य), महंत श्री नरदेव गिरी जी महाराज, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रमोद सिंह जी (पूर्व अध्यापक) मंचस्थ रहें।
प्रयागराज— हजारों संघर्षों के बाद भी धर्म के सहारे ही सुरक्षित है भारत का अस्तित्व और संस्कृति
प्रयागराज के रणजीत पण्डित इण्टर कालेज लोहगरा में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने कहा कि दुनिया को सुरक्षित करने के लिए हिंदुओं का संगठित होना जरूरी है। हिंदू समाज की सुप्त चेतना जागृत होने से यह राष्ट्र सुदृढ़ होगा तथा वैभव के परम शिखर पर इसे पहुंचाया जा सकता है। क्षेत्र प्रचारक, पूर्वी उत्तर प्रदेश ने आगे कहा कि मुगलिया सल्तनत को चुनौती देने वाले गुरु तेगबहादुर की बलिदान की 350वी जयंती, आजादी के महानायक बिरसा मुंडा के बलिदान का 150वा वर्ष यह शताब्दी वर्ष है। दुनियां को सुख शान्ति का संदेश देकर सुरक्षा प्रदान करने के लिए एकमात्र धर्म सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम् का उद्घोष करता है। इसलिए दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए हिंदुओं को संगठित करना है। हर धार्मिक आयोजन के बाद धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, विश्व का कल्याण हो का भाव मात्र सनातन और हिन्दू धर्म में ही है।
मुख्य वक्ता ने आगे कहा कि दुनियां के अनेक देशों की संस्कृति नष्ट हो गई। किन्तु भारतवर्ष में हजारों संघर्षों के बाद भी अपना अस्तित्व और संस्कृति धर्म के सहारे बचा रहा। उसको तोड़ने के लिए विधर्मियों द्वारा षड़यंत्र कर, अनेक आंदोलन कर, जातियों में बांट कर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिन महापुरुषों ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश, समाज को एक करने के काम में समर्पित किया, आज उन्हीं के नाम पर उनके वक्तव्यों को तोड़ मरोड़ कर दिखाते हुए समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उनके उपदेश सम्पूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए थे। इस समय आवश्यकता है कि अपने जाति के बन्धन से मुक्त हो कर विभेद पैदा करने वाले विधर्मियों से डट कर सामना करना पड़ेगा। तभी हम हिन्दू समाज और संस्कार की सुरक्षा कर सकते हैं। नकली कलावा, लॉकेट पहन कर छात्राओं को लव जेहाद में फंसाने वालो से अपने बच्चों को बचाने का काम करना पड़ेगा। छद्म वेश धारण कर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करा कर ईसाई बनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि जब कोई एक हिन्दू अपना धर्म छोड़ कर धर्म परिवर्तन करता है तो इस देश का एक और दुश्मन खड़ा होता है। धर्म परिवर्तन करने वाले सभी हिन्दू बंधुओं को संकल्प के साथ घर वापसी कराना पड़ेगा। आज चर्च की जगह इशू मंदिर, मरियम मन्दिर बोलने लगे हैं।
मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 श्री महंत रतन दास जी महाराज (फलहारी बाबा), पीठाधीश्वर फलाहारी आश्रम अरैल नैनी ने सनातन धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि शास्त्र नेत्र है। हिन्द महासागर और हिमालय के मध्य में रहने वाले सभी हिन्दू हैं बाकी सब पंथ है। संगठन की शक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि जहां सुमति तन्ह संपत्ति नाना। शान्ति में सुख है, तभी घर समाज देश का कल्याण होगा। मंचासीन मातृ शक्ति सविता देवी ने हिन्दू समाज और महिला सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त किया। विशिष्ट अतिथि महंत ज्ञानेंद्र गोस्वामी जी महाराज, महंत सुजावन देवधाम स्वामी राजेश्वरानंद महाराज, पुजारी मनकामेश्वर धाम लालापुर रहे। अध्यक्षता विमलेश महाराज, मुख्य पुजारी हनुमत निकेतन मंदिर हनुमान नगर ने किया।


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