गौतम नगर में क्षेत्र कार्यवाह डॉ. वीरेन्द्र जी ने किया सम्बोधित
काशी। विभिन्न जाति इकाईयों में रहने के बाद भी हम हिन्दू है। हम सबकी एक ही भारत माता है। सहभोज, सामूहिक विवाह, समरसता के माध्यम से हम अपना सामाजिक स्वरूप समय—समय पर प्रकट करते हैं। उक्त विचार काशी उत्तर भाग के विश्वनाथ नगर (चांदमारी) में सकल हिन्दू समाज द्वारा आयोजित हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन जी ने व्यक्त किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित हिंदू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में पारिवारिक विघटन को बचाने के लिए परिवार मुहल्ले की पूरी जानकारी प्रत्येक व्यक्ति को होनी चाहिए। बच्चों को पैसा कमाने की मशीन न बनाये। स्व—बोध की चर्चा करते हुए वक्ता ने कहा कि स्व के भाव का जागरण हम सभी को हिन्दी में हस्ताक्षर के रूप में प्रारम्भ करना चाहिए। भारत के पीछे इतिहास है। जबकि यह इतिहास इण्डिया में नहीं है। इसी कारण भारत हमारी माता हैं। भारत की जनता ने परकीय शासन को कभी स्वीकार नहीं किया। मुगल काल में भी जनता के राजा भगवान रामचन्द्र रहे। 1947 के भारत विभाजन की विभीषिका को बताते हुए मुख्य वक्ता ने महर्षि अरविन्द के वक्तव्य का उदाहरण दिया जिसमें यह कहा गया कि यह विभाजन कृत्रिम है, प्राकृतिक नहीं है। मुख्य अतिथि स्वामी अड़गड़ानन्द जी महाराज के शिष्य स्वामी नारद जी ने कहा कि भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है कि मनुष्य मेरा विशुद्ध सनातन अंश है। जब प्रत्येक व्यक्ति इस भाव के साथ समाज में व्यवहार करेगा तब छुआछूत, भेदभाव, जातिभाव स्वत: समाप्त हो जाएगा। विशिष्ट अतिथि मातृशक्ति समाजसेवी भावना अग्रवाल ने परिवार में मातृशक्ति द्वारा बच्चों में भारतीय संस्कार दिये जाने के लिए प्रेरित किया। संचालन आलोक एवं संयोजन सर्वेश सिंह ने किया।
गौतम
नगर में क्षेत्र कार्यवाह डॉ. वीरेन्द्र जी ने किया सम्बोधित
काशी
उत्तर भाग के गौतम नगर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह
वीरेंद्र जी ने कहा कि हिंदू समाज को भगवान श्रीराम और श्री कृष्ण के जीवन से समाज
को प्रेरणा लेने की जरूरत है। बौद्ध धर्मगुरु डॉ. के सिरी सुमेधा थिरो ने भारत के
वसुधैव कुटुंबकम प सिद्धांत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.कमलेश झा
जी ने किया। डॉ.अशोक सोनकर जी ने समरसता एवं वंचित समाज विषय पर प्रकाश डाला। इसके
अतिरिक्त उत्तर भाग के न्याय नगर में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद्
डॉ0 हरेन्द्र राय, प्रेमचन्द नगर
में प्रान्त घोष प्रमुख राकेश जी, राजर्षि नगर में विभाग
सम्पर्क प्रमुख दिनेश जी, शिवनगर में विभाग सेवा प्रमुख संजय
जी ने विभिन्न हिन्दू सम्मेलनों को सम्बोधित किया।
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