प्रतापगढ़।
भारत को विश्वगुरु के रूप में प्रतिस्थापित करने के लिए जाति-पाति का भेद मिटाकर
हमें हिन्दू संस्कृति पर चलना होगा। भारत हिन्दू राष्ट्र है, इसे घोषित करने की आवश्यकता नहीं। अनेक आक्रमण झेलने के बाद भी भारत में
हिंदुत्व जिंदा है। सम्पूर्ण विश्व को हिंदुत्व ही बंधुता और एकता का संदेश देता
है। "अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव
कुटुम्बकम्" यह हिंदुत्व का मूल संदेश है। उक्त विचार सकल हिन्दू समाज समिति
दयानंद बस्ती द्वारा आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में
उपास्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र
प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने रखी।
उन्होंने आगे कहा कि हिन्दू एक जीवन पद्धति है जो सबको आदर्शों पर चलना सिखाती है। हिंदू ही हैं जो सर्वे भवन्तु सुखिन: अर्थात सबके सुख की कामना करता है। आज हमें विधर्मियों के षड्यंत्रोंं से बाहर आकर एक सूत्र में आबद्ध होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा निवृत्त उप पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ज्योतिषाचार्य पंडित अमरनाथ मिश्र ने कहा कि हम हिंदुओं के संगठित प्रयास से ही भारत भव्य होगा क्योंकि हिंदू ही भारत को अपना समझता है। विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता बृजलाल सरोज एवं साध्वी विभा दीदी, कथावाचक शिवम प्रपन्नाचार्य एवं समाजसेविका श्रीमती प्रेम कुमारी ने भी अपना विचार प्रकट किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रवज्जलन के साथ हुआ।
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