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Sunday, May 15, 2022

काशी प्रान्त के वाराणसी समेत सभी 12 प्रशासनिक जिलों में 16/17 मई को मनायी जाएगी देवर्षि नारद जयंती

काशी में 17 मई को किया जाएगा देवर्षि नारद जयन्ती का भव्य आयोजन

काशी| आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन मंगलवार ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया, (17 मई 2022) को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान के  महामना सभागार (संगोष्ठी संकुल) में आयोजित की गयी है| इस दौरान "आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका" विषयक संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो.बलदेव भाई जी शर्मा (कुलपति, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, रायपुर-छत्तीसगढ़) रहेंगे| उक्त जानकारी विश्व संवाद केन्द्र काशी कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में देवर्षि नारद जयन्ती के काशी प्रान्त के संयोजक डॉ.हरेन्द्र कुमार राय एवं विश्व संवाद केन्द्र काशी के उपाध्यक्ष डॉ.हेमन्त गुप्त संयुक्त रूप से सम्बोधित करते हुए दी|

      वार्ता को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि विश्व संवाद केन्द्र काशी द्वारा अयोजित देवर्षि नारद जयंती काशी प्रान्त के वाराणसी समेत सभी 12 प्रशासनिक जिलों में 16/17 मई को मनायी जाएगी| इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले पत्रकारगण को देवर्षि नारद सम्मान से सम्मानित किया जाएगा| यह कार्यक्रम वाराणसी के अतिरिक्त काशी प्रान्त के चन्दौली, सोनभद्र, मीरजापुर, भदोही, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, सुलतानपुर, अमेठी, जौनपुर एवं गाजीपुर जिले में भी आयोजित की जाएगी|

      वक्ताओं ने आगे कहा कि सभी पुराणों में महर्षि नारद एक मुख्य व अनिवार्य भूमिका में प्रस्तुत हैं| उन्हें देवर्षि की संज्ञा दी गयी है, परन्तु उनका कार्य देवताओं तक ही सीमित नहीं था| वह दानवों और मनुष्यों के भी मित्र, मार्गदर्शक, सलाहकार और आचार्य के रूप में उपस्थित हैं| पुराणों में नारद को भागवत संवाददाता के रूप में प्रस्तुत किया गया है| यह भी सर्वमान्य है कि नारद की ही प्रेरणा से महर्षि बाल्मीकि ने रामायण जैसे महाकाव्य और व्यास ने भगवद्गीता जैसे सम्पूर्ण भक्तिकाव्य की रचना की थी| ऐसे नारद को कुछ लोग कलह-प्रिय के रूप में भी प्रस्तुत करते हैं| जबकि देवर्षि नारद के कार्यों और विचारों का अध्ययन करने से सिद्ध होता है कि उन्होंने विवाद और संघर्ष को भी लोक कल्याण के रूप में प्रयोग किया है| देवर्षि नारद समकालीन महत्वपूर्ण देवताओं, मानवों व असुरों से सम्पर्क करते हैं और उनके प्रश्न, वक्तव्य एवं कटाक्ष सभी को सकारात्मक दिशा देते हैं| उनके प्रत्येक परामर्श और वक्तव्य में कहीं न कहीं लोकहित झलकता है| वर्तमान में देवर्षि नारद के अनुयायी के रूप में अनेक पत्रकार मित्र देवर्षि नारद की भूमिका का निर्वहन समाज में कर रहे हैं| समाज को पत्रकार मित्रों की भूमिका का बोध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवर्षि नारद जयन्ती कार्यक्रम का आयोजन किया गया है|

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